बजरंग दल और वीएचपी की रैलियों का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, रोक लगाने की मांग


Nuh Communal Clash: नूंह हिंसा के बाद बजरंग दल और वीएचपी की रैलियों का मामला सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) पहुंचा है. याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ वकील सीयू सिंह ने दिल्ली-NCR में रैलियों पर रोक लगाने की मांग चीफ जस्टिस (CJI) के सामने रखी. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली, हरियाणा और यूपी को नोटिस भेजा है.

चीफ जस्टिस ने वकील से पूछा, आपकी मांग क्या है? सीयू सिंह ने बताया कि पहले भड़काऊ कार्यक्रमों पर रोक का आदेश दिया जा चुका है. आज दिल्ली में 23 कार्यक्रम होने जा रहे हैं और इन पर रोक की मांग की. 

तीन राज्यों को नोटिस

कोर्ट से इन कार्यक्रमों के बारे में पूछे जाने पर बताया गया कि इन्हें प्रदर्शन कहा जा रहा है. कुछ सुबह हो चुके हैं, कुछ बाकी हैं. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी, हरियाणा और दिल्ली को नोटिस जारी करते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि इन कार्यक्रमों में भड़काऊ भाषण न हों और उन कार्यक्रमों के चलते हिंसा न फैले. मामले में शुक्रवार (4 अगस्त) को अगली सुनवाई होगी.

पहले दूसरी कोर्ट में गए थे वकील

बुधवार को वरिष्ठ वकील सीयू सिंह ने पहले जस्टिस अनिरुद्ध बोस की कोर्ट में लंबित एक रिट याचिका में इंटरलोक्युटरी एप्लीकेशन (आईए) दिया था. उन्होंने कोर्ट को बताया कि नूह हिंसा के विरोध में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में 27 जगहों पर मार्च का ऐलान किया गया है और इस पर रोक लगाने की मांग की. जस्टिस बोस ने सिंह से पुष्टि करने के लिए कहा कि क्या उनके पास आईए को सूचीबद्ध करने के लिए उल्लेख सुनने का अधिकार है. 

इसके बाद, सीयू सिंह प्रधान न्यायाधीश की पीठ के समक्ष उपस्थित हुए. हालांकि, तब चीफ जस्टिस ने मामले में सीधे सुनवाई से इनकार कर दिया था और कहा कि तय प्रक्रिया के मुताबिक रजिस्ट्री को ईमेल भेजें. इसके बाद सुनवाई पर विचार किया जाएगा.

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