15 अप्रैल को बंगाल दिवस मनाने का विधानसभा से प्रस्ताव पारित, ममता बनर्जी बोलीं- ‘देखेंगे कि राज्यपाल के पास ज्यादा शक्तियां हैं या…’

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West Bengal Day: पश्चिम बंगाल विधानसभा में बंगाल दिवस (Bengal Day) को लेकर गुरुवार (7 सितंबर) को प्रस्ताव पारित हुआ. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि हर साल 15 अप्रैल को पोइला वैशाख (बंगाली नववर्ष) के दिन बंगाल दिवस मनाया जाएगा.

  

तृणमूल कांग्रेस (TMC) की चीफ ममता बनर्जी ने इस दौरान कहा कि मैं रविंद्रनाथ टैगोर (Rabindranath Tagore) के ‘बांग्लार माटी, बांग्लार जल’ गीत को बंगाल का राज्य गीत बनाने के प्रस्ताव का भी समर्थन करती हूं.

उन्होंने विधानसभा के प्रस्तावों की मंजूरी में राज भवन की ओर से देरी पर कहा, ”हम देखेंगे कि राज्यपाल सीवी आनंद बोस के पास ज्यादा शक्तियां हैं या लोगों के पास.”

बीजेपी ने क्यों विरोध किया?
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के 294 सदस्यीय सदन में 167 सदस्यों ने इसके पक्ष में मतदान करते हुए प्रस्ताव पारित किया. बीजेपी के 62 विधायक 20 जून को राज्य दिवस के रूप में मनाना चाहते हैं जिस दिन बंगाल विधानसभा ने विभाजन के पक्ष में मतदान किया था.

बीजेपी के एएमलए ने प्रस्ताव के खिलाफ वोट डाला. वहीं आईएसएफ के इकलौते विधायक ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया.

ममता बनर्जी क्या बोलीं?
बंगाल के लोग 20 जून का समर्थन नहीं करते हैं. वह हिंसा और रक्तपात का पर्याय है. विभाजन को राज्य स्थापना दिवस के रूप में चिह्नित करता है. बनर्जी ने पिछले हफ्ते कहा था कि केंद्र का राज्य के स्थापना दिवस के रूप में 20 जून का दिन चुनना गलत है. इसपर फैसला विधानसभा में लिया जाएगा. 

इनपुट भाषा से भी.

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