Bsp Candidate List,सपा-कांग्रेस के बीच बात बनते ही BSP की लिस्ट भी फाइनल, यूपी में होंगे कई चौंकाने वाले नाम – bsp finalizes the list of lok sabha candidates there will be surprising names in up


लखनऊ: लोकसभा चुनाव से पहले अलग-अलग गठबंधनों के बिगड़ने-बनने का दौर जारी है। वहीं, किसी भी गठबंधन में शामिल नहीं होने वाली बीएसपी गुपचुप चुनावी तैयारी में जुटी हुई है। ज्यदातर सीटों पर प्रत्याशियों के पैनल तैयार हैं। अब प्रत्याशियों की फाइनल लिस्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, मार्च में चरणबद्ध तरीके से प्रत्याशियों का ऐलान शुरू हो जाएगा।

मायावती को भेजे गए नाम

बीएसपी पिछले साल हुए नगर निकाय चुनाव के बाद से ही लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी है। पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने के लिए बूथ कमेटियों और सेक्टर कमेटियों का गठन किया गया। यह काम पूरा होने के बाद हर सेक्टर में कैडर बैठकें हुईं। अब दो-दो सेक्टर पर एक-एक बैठक हो रही है। इसी बीच जोन और जिला स्तर पर प्रत्याशियों के पैनल तैयार करने का काम भी चलता रहा। यह पैनल तैयार करके बीएसपी प्रमुख मायावती को नाम भेज दिए गए हैं। अब वरिष्ठ पदाधिकारियों की सलाह से प्रत्याशियों के नामों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

खास परिस्थिति में कुछ बदलाव

बीएसपी नेताओं के अनुसार पहली लिस्ट मार्च की शुरुआत में आ सकती है। उसके बाद चुनावों का ऐलान होने पर चरणबद्ध तरीके से प्रत्याशियों की लिस्टें जारी की जाएंगी। अब फाइनल लिस्टें ही जारी की जाएंगी। अंतिम समय में खास परिस्थितियों में ही कुछ बदलाव किस जाएंगे।

क्या होगा प्रत्याशी चयन का आधार?

लिस्ट जारी करने से पहले I.N.D.I.A. और NDA गठबंधनों की गतिविधियों पर भी बीएसपी नजर रख रही है। उसके अनुसार क्षेत्र में समीकरण कैसे बदल सकते हैं। यह भी देखा जा रहा है कि दूसरी पार्टियों का संभावित प्रत्याशी कौन हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मंडल स्तर से भेजे गए 3-4 प्रत्याशियों के पैनल में से दो संभावित नाम भी छांटे जा रहे हैं। दूसरी पार्टियों के प्रत्याशी और जातीय समीकरण को ध्यान में रखते हुए एक नाम फाइनल किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर यदि दोनों गठबंधन एक ही जाति का प्रतयाशी घोषित करते हैं तो बीएसपी उस क्षेत्र में ऐसी जाति के प्रत्याशी को उतार सकती है, जो संख्या के आधार पर उस क्षेत्र में दूसरे नंबर पर है। यदि गठबंधनों के प्रत्याशी अलग-अलग जाति के हैं तो उनमें से किसी एक जाति के प्रत्याशी को भी उतारा जा सकता है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि वह प्रत्याशी पार्टी के कैडर वोट के साथ अपनी ओर से कितना प्लस कर सकता है।



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