I.N.D.I.A. के 20 सांसद मणिपुर जाएंगे, SC के रिटायर्ड जज से जांच की मांग | Manipur Violence Hearing Update | Supreme Court Kuki Vs Meitei

[ad_1]

नई दिल्ली43 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
मणिपुर हिंसा को लेकर देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। 4 मई को यहां कांगपोकपी जिले में दो महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाने की घटना हुई थी, जिसका वीडियो 19 जुलाई को वायरल हुआ। - Dainik Bhaskar

मणिपुर हिंसा को लेकर देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। 4 मई को यहां कांगपोकपी जिले में दो महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाने की घटना हुई थी, जिसका वीडियो 19 जुलाई को वायरल हुआ।

विपक्षी पार्टियों के दल I.N.D.I.A. के 20 सांसद इसी हफ्ते वीकेंड पर मणिपुर जा रहे हैं। ये लोग राज्य में हालात का जायजा लेंगे और वहां से लौटकर सरकार और संसद से मणिपुर समस्या के हल को लेकर सिफारिश करेंगे।

वहीं, सांसदों के दल के दल के मणिपुर जाने से पहले लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने मणिपुर मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज से कराने की मांग की है। गोगोई के मुताबिक- भाजपा चाहती है कि मणिपुर में सब अच्छा-अच्छा ही दिखाया जाए, लेकिन वहां लगातार हिंसा हो रही है। इसलिए हम चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जांच करें कि कैसे वहां राज्य सरकार नाकाम रही। वहां लोगों को इतनी तादाद में हथियार कहां से मिले और प्रशासन क्या कर रहा है।

ये 20 सांसद जा रहे मणिपुर

  • अधीर रंजन चौधरी- कांग्रेस
  • गौरव गोगोई- कांग्रेस
  • सुष्मिता देव- टीएमसी
  • महुआ माझी- जेएमएम
  • कनिमोझी- डीएमके
  • मोहम्मद फैजल- एनसीपी
  • जयंत चौधरी- आरएलडी
  • मनोज कुमार झा- आरजेडी
  • एनके प्रेमचंद्रन- आरएसपी
  • टी थिरुमावलन- वीसीके
  • राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह- जेडीयू
  • अनील प्रसाद हेगड़े- जेडीयू
  • एए रहीम- सीपीआई-एम
  • संतोष कुमार- सीपीआई
  • जावेद अली खान- सपा
  • ईटी मोहम्मद बशीर- आईएमएल
  • सुशील गुप्ता- आप
  • अरविंद सावंत- शिवसेना (उद्धव गुट)
  • डी रविकुमार- डीएमके
  • फूलो देवी नेताम- कांग्रेस

सुप्रीम कोर्ट में मणिपुर मामले की सुनवाई टली

इस बीच, मणिपुर मामले पर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार (28 जुलाई) को होने वाली सुनवाई टल गई है। इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच को करनी थी, लेकिन वे तबीयत खराब होने के चलते कोर्ट नहीं आए। इस वजह से जस्टिस चंद्रचूड़ और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच के सामने लंबित मामलों की सुनवाई आज नहीं हुई।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार (27 जुलाई) को सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट दाखिल कर बताया कि मणिपुर में महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाने के मामले की जांच CBI को सौंप दी गई है। गृह मंत्रालय ने कोर्ट से इस मामले की सुनवाई मणिपुर से बाहर ट्रांसफर करने की अपील की है।

इस मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। घटना का वीडियो जिस मोबाइल से बनाया गया था, उसे भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने CBI को मोबाइल सौंप दिया है। वीडियो शूट करने वाले शख्स को भी अरेस्ट कर लिया गया है।

मणिपुर हिंसा को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग प्रदर्शन हो रहे हैं। यह तस्वीर गुवाहाटी की है।

मणिपुर हिंसा को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग प्रदर्शन हो रहे हैं। यह तस्वीर गुवाहाटी की है।

सुप्रीम कोर्ट में पहले हुई सुनवाइयों के दौरान सुप्रीम कोर्ट की 3 टिप्पणियां

1. महिलाओं को निर्वस्त्र करने पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- सरकार एक्शन ले, वरना हम लेंगे
मणिपुर में महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाए जाने का वीडियो सामने आने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जाहिर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई को कहा था- वीडियो देखकर हम बहुत परेशान हुए हैं। हम सरकार को वक्त देते हैं कि वो कदम उठाए। अगर वहां कुछ नहीं हुआ तो हम कदम उठाएंगे।

2. केंद्र सरकार से SC ने सवाल किया था- अपराधियों के खिलाफ अब तक क्या कदम उठाए
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और मणिपुर सरकार से पूछा है कि अपराधियों पर कार्रवाई के लिए आपने क्या कदम उठाए हैं। CJI ने कहा कि सांप्रदायिक संघर्ष के दौरान महिलाओं का एक औजार की तरह इस्तेमाल कभी स्वीकार नहीं किया जा सकता है। यह संविधान का सबसे घृणित अपमान है।

3. याचिकाकर्ताओं से सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- हमारे पास ठोस समाधान लेकर आइए
सुप्रीम कोर्ट ने 10 जुलाई को भी मणिपुर केस पर सुनवाई की थी। मणिपुर ट्राइबल फोरम दिल्ली के एडवोकेट कोलिन गोंजाल्वेज ने कहा था कि केंद्र सरकार ने पिछली सुनवाई में हिंसा रोकने का भरोसा दिया था। मई में 10 मौतें हुई थीं, संख्या 110 पहुंच गई। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- आपके अविश्वास के बावजूद हम राज्य की कानून-व्यवस्था अपने हाथ में नहीं ले सकते हैं। यह राज्य और केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। आप हमारे पास ठोस समाधान लेकर आइए।

एक और याचिका दायर: मणिपुर मामले को लेकर 27 जुलाई में सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका दाखिल की गई। इस पर बेंच ने याचिकाकर्ता से पूछा कि अदालत में पहले से ही इस मुद्दे पर गौर किया जा रहा है तो एक और याचिका की क्या जरूरत है।

उधर, दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार को कुकी समुदाय की महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। वे मणिपुर के पहाड़ी जिलों में रहने वाली आदिवासी आबादी के लिए अलग प्रशासन की मांग कर रही हैं। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने ‘अलग प्रशासन ही एकमात्र समाधान है’ लिखी टी-शर्ट पहन रखी थीं। वहीं, कुछ महिलाएं पारंपरिक कपड़ों में भी नजर आईं।

मणिपुर में 16 जिले, सबसे ज्यादा हिंसा इंफाल, चुराचांदपुर और कांगपोकपी में…

मणिपुर हिंसा से जुड़ी अन्य खबरें भी पढ़ें…

मणिपुर की 9 कहानियां: निर्वस्त्र घुमाया, गैंगरेप किया: वायरल वीडियो वाली पीड़िता की मां बोलीं- CM का फोन तक नहीं आया

‘मेरे पति को मार दिया। बेटे को मार दिया। बेटी के कपड़े उतारकर घुमाया, उसे पीटा और गैंगरेप किया। आज तक न तो CM, न ही किसी मंत्री का फोन आया।’ ये कहते हुए मणिपुर में निर्वस्त्र घुमाई गई पीड़िता की मां जोर-जोर से रोने लगती हैं। करीब आधे घंटे तक लगातार रोती जाती हैं। पूरी खबर पढ़ें…

मणिपुर के थोरबुंग में कुकी-मैतेई भिड़े, रातभर चलीं गोलियां:फायरिंग में फंसा भास्कर रिपोर्टर, वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ी हिंसा

22 जुलाई को भास्कर रिपोर्टर मणिपुर हिंसा के एपिसेंटर चुराचादंपुर में कुकी महिलाओं से मिलकर लौट रहे थे। इंफाल की तरफ 10 Km चले थे कि दूर एक इमारत में आग लगी नजर आई। वहां पहुंचे तो एक गोली करीब से सनसनाती हुई निकल गई। हमारी तरफ फायरिंग होने लगी। हमने छिपने के लिए दीवार की तरफ भागे। पूरी खबर पढ़ें…

‘वो हमारे कपड़े उतरवा रहे थे, पुलिस चुपचाप खड़ी थी’:मणिपुर वायरल वीडियो की FIR लिखने वाले SHO बोले- हां, गैंगरेप हुआ

‘हम पुलिस की गाड़ी में थे। लगा था, वो हमें बचा लेंगे। मैतेई लड़कों की भीड़ ने गाड़ी को घेर लिया। हमें उतारकर इधर-उधर छूने लगे। उन्होंने कहा- जिंदा रहना है, तो कपड़े उतारो। हमने मदद के लिए पुलिसवालों की तरफ देखा, उन्होंने मुंह फेर लिया। फिर हमने कपड़े उतार दिए….’। ये कहना है मणिपुर में निर्वस्त्र की गई 21 साल की पीड़िता का। पूरी खबर पढ़ें…

मणिपुर में स्कूल और खेत खाली, टूरिज्म ठप: किसानों की सुरक्षा में जवान; बंकर, हथियार, हिंसा के बीच बच्चे पढ़ने कैसे जाएं

मणिपुर में हिंसा शुरू हुए ढाई महीने से ज्यादा हो चुके हैं। जल चुके 120 से ज्यादा गांव, 3,500 घर, 220 चर्च और 15 मंदिर हिंसा की निशानी के तौर पर खड़े हैं। इस तबाही में खाली स्कूल और खेत भी जुड़ चुके हैं। अब स्कूलों के खुलने का वक्त है और खेतों में बुआई का। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…

[ad_2]

Source link

Leave a Comment