Indian Navy increased surveillance vigilance in Arabian Sea Attacks on merchant ships – India Hindi News


लाल सागर, अदन की खाड़ी और अरब सागर में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन से हाल के दिनों में गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों पर हमले बढ़े हैं। इसे देखते हुए भारतीय नौसेना ने अरब सागर में निगरानी और चौकसी बढ़ा दी है। भारतीय समुद्री तट से लगभग 700 समुद्री मील दूर एमवी रुएन पर डकैती और पोरबंदर से लगभग 220 समुद्री मील दक्षिण पश्चिम में एमवी केम प्लूटो पर हाल ही में ड्रोन हमला हुआ था। यह भारतीय विशेष आर्थिक क्षेत्र के करीब समुद्र में सुरक्षा घटनाओं के बदले हालात को दिखाता है।

नौसेना ने इन घटनाओं के जवाब में मध्य व उत्तरी अरब सागर में समुद्री निगरानी के प्रयासों में काफी वृद्धि की है। नौसैनिकों की तैनाती की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। समुद्री सुरक्षा अभियान चलाने और किसी भी घटना की स्थिति में व्यापारिक जहाजों को सहायता प्रदान करने के लिए विध्वंसक और फ्रिगेट वाले कार्य समूहों को तैनात किया गया है। संपूर्ण समुद्री डोमेन जागरूकता के लिए लंबी दूरी के समुद्री गश्ती विमानों और हवाई निगरानी को बढ़ाया गया है। विशेष आर्थिक क्षेत्र की प्रभावी निगरानी के लिए नौसेना तटरक्षक बल के साथ भी समन्वय को और बढ़ा रही है।

समुद्री सुरक्षा पर बारीकी से नजर 
राष्ट्रीय समुद्री एजेंसियों के समन्वय से नौसेना की ओर से समग्र स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। नेवी इलाके में व्यापारिक जहाजरानी की सुरक्षा सुनश्चिति करने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, विवादित दक्षिण चीन सागर में भारत और फिलीपीन की नौसेनाओं ने हाल ही में नौसैनिक अभ्यास किया है। इससे नाखुश चीनी सेना ने कहा कि विभिन्न देशों के बीच रक्षा सहयोग से तीसरे देशों के हितों और क्षेत्रीय शांति को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। चीन फिलीपीन और अन्य देशों के बीच सैन्य सहयोग को लेकर परेशान है। गौरतलब है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में कहा था कि समुद्री क्षेत्र में बढ़ रही हलचल के मद्देनजर भारत समुद्र में हितों की रक्षा के लिए प्रयासों को बढ़ाएगा। साथ ही हाल के हमलों में शामिल लोगों का पता लगाया जाएगा।

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