Lok Sabha Election 2024: नीतीश का यह फैसला I-N-D-I-A गठबंधन में बढ़ा सकता है टेंशन, क्या लालू भी हैं साथ?


हाइलाइट्स

इंडिया गठबंधन में सीटों का बंटवारा तय नहीं, लेकिन नीतीश कुमार ने किया बड़ा फैसला.
बिहार में नीतीश कुमार ने लोकसभा चुनाव के लिए अपने तीन उम्मीदवारों के नाम तय किए.
नीतीश कुमार ने चुनाव की तैयारियों के निर्देश भी दे दिए, लालू यादव की सहमति की खबर.

पटना. दिल्ली में जब नीतीश कुमार जदयू के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बन रहे थे, उसी कार्यकारिणी की बैठक में लोकसभा चुनाव को लेकर जदयू के कुछ उम्मीदवारों के नाम लगभग तय हो गए. इसमें सीतामढ़ी से देवेश चन्द्र ठाकुर की उम्मीदवारी पर मुहर लगी, वहीं मुंगेर से राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और दरभंगा से मंत्री संजय झा की उम्मीदवारी लगभग फाइनल हो गई. इसी के साथ ये सवाल भी उठने लगा कि क्या ये सब नीतीश कुमार और लालू यादव के आपसी सहमति से हो रहा है, या फिर बात कुछ और भी है?

हालांकि, इस सवाल का जवाब भी मिलता दिख रहा है, क्योंकि सीतामढ़ी से उम्मीदवारी मिलने के बाद देवेश चन्द्र ठाकुर ने कहा कि उनकी उम्मीदवारी को लेकर नीतीश जी और लालू जी से बात हो चुकी है. दोनों नेताओं के आशीर्वाद के बाद ही उन्होंने तैयारी शुरू की है. दूसरी ओर ललन सिंह के मुंगेर से लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर भी कोई संशय की स्थिति नहीं है, क्योंकि उन्होंने अपने चुनाव का हवाला देकर ही जदयू अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है.,

मतलब ये साफ है कि तीन सीटों में जदयू की उम्मीदवारी पर कोई संशय नहीं है. रही बात दरभंगा संसदीय सीट की तो यहां से जदयू ने लगभग संजय झा की उम्मीदवारी तय कर दी है. हालांकि, इस सीट पर राजद की ओर से सहमति दी गई है कि नहीं इसकी स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं है. दरअसल, यहां से राजद के अब्दुल बारी सिद्दीकी की भी दावेदारी की बात सामने आती रही है. लेकिन, सियासी घटनाक्रम इतना जरूर इशारा कर रहा है कि जदयू के जो उम्मीदवार लगभग फाइनल हुए हैं, उनमें किसी भी सीट पर आरजेडी और जेडीयू के बीच मतभेद होने की संभावना नहीं है.

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लेकिन, जदयू को इतनी जल्दी क्यों है कि इंडिया अलायंस की बैठक के बगैर ही सीटों का बंटवारा किया जा रहा है, वह भी राजद की सहमति से? इस प्रश्न का जवाब राजनीतिक विश्लेषक रवि उपाध्याय देते हुए कहते हैं कि जो भी राजनीतिक चर्चा हो रही है, वह अपनी जगह है. लेकिन, जदयू के तीन उम्मीदवार का नाम फाइनल होने का मतलब है कि जदयू और आरजेडी के बीच आपसी तालमेल बेहतर है और उसी का नतीजा है जदयू उम्मीदवारों के नाम पर तस्वीर साफ होना.

रवि उपाध्याय यह भी कहते हैं कि इसका एक मतलब यह भी है कि जदयू और राजद द्वारा इंडिया अलायंस के सबसे बड़े घठक कांग्रेस को ये मैसेज भी देने की कोशिश है कि बिहार में जदयू और आरजेडी ही फ्रंटफुट पर खेलेगी. उन्हीं सीटों पर कांग्रेस से बातचीत होगी जो जदयू और आरजेडी, कांग्रेस को दे सकती है. वहीं, अभी इंडिया गठबंधन की सीट को लेकर बैठक नहीं हुई है जिसे लेकर राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भी नीतीश कुमार ने नाराज़गी भी जताई है. लेकिन, दूसरी तरफ अपने उम्मीदवारों के नाम तय करके कांग्रेस पर दबाव भी बढ़ा दिया है.



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