Madhya Pradesh Monsoon Update – Heat and humidity before rain | बारिश से पहले गर्मी-उमस, 4-5 सितंबर से एक्टिव होंगे सिस्टम; पूर्वी हिस्से में ज्यादा बरसने का अनुमान

[ad_1]

भोपाल44 मिनट पहले

बारिश का दौर थमने से पूरे प्रदेश में गर्मी और उमस का असर है।

मध्यप्रदेश में 4-5 सितंबर से मानसूनी सिस्टम फिर एक्टिव होंगे। इससे बारिश का दौर शुरू हो जाएगा। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में कहीं मध्यम तो कहीं भारी बारिश हो सकती है। हालांकि, इससे पहले पूरे प्रदेश में गर्मी और उमस का असर है। शनिवार को ग्वालियर लगातार पांचवें दिन सबसे गर्म रहा।

प्रदेश में 23-24 अगस्त से ही मानसून ब्रेक है, जो सितंबर के पहले सप्ताह में भी जारी है। इस कारण गर्मी का असर तेज हो गया है। सितंबर में मार्च-अप्रैल जैसी उमस हो रही है। हालांकि, लोकल सिस्टम की एक्टिविटी से कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हो रही है। शनिवार को प्रदेश में 34 शहरों में दिन का तापमान 30 डिग्री के पार रहा।

बारिश के लिए गांव के सरपंच को गधे पर बैठाकर घुमाया

अगस्त सूखा बीत गया और अब सितंबर में अच्छी बारिश के लिए टोने-टोटके और प्रार्थनाएं की जा रही हैं। रतलाम के पलसोड़ा में लोगों ने गांव के सरपंच लक्ष्मणजी मईडा को गधे पर उल्टा बैठाकर घुमाया। ग्रामीणों ने यह टोटका इंद्रदेव को मनाने के लिए किया। डेडक माता (मेढक) को भी गांव में भ्रमण करवाया।

बारिश के लिए रतलाम के पलसोड़ा में लोगों ने गांव के सरपंच लक्ष्मणजी मईडा को गधे पर उल्टा बैठाकर घुमाया।

कमलनाथ ने की सर्वे कराने की मांग

पीसीसी चीफ कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रदेश में सूखे के हालात पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने लिखा कि, ‘प्रदेश में इस बार भीषण सूखे की स्थिति बन रही है। प्रदेश के अधिकांश हिस्से में कम वर्षा हुई है। जलाशयों में पानी पूरी तरह से नहीं भर पाया है। फसलें सूख रही हैं। प्रदेश की अधिकांश किसान आबादी इससे सीधी प्रभावित हो रही है। मैं मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि वह उत्सव मोड से बाहर आएं और तत्काल सर्वे कार्य शुरू कर किसानों को राहत देने की व्यवस्था शुरू करें।’

कमलनाथ ने लिखा- कल मुख्यमंत्री का जो बयान सामने आया, वह चुनौती का सामना करने से अधिक आपदा को अवसर में बदलने की चालबाजी जैसा प्रतीत हुआ। प्रदेश की जनता ने पूर्व में भी देखा है कि शिवराज सरकार आपदा को अपने हित में अवसर में बदल लेती है और जनता के लिए संत्रास पैदा करती है। जनता को झूठे वादों की नहीं, सच्चे इरादों की जरूरत है।

भिंड जिले में ‘धान का कटोरा’ कहे जाने वाले गोहद में धान ‎की फसल पर सूखे का संकट मंडरा रहा है। पानी न मिलने के कारण खेत की मिट्टी में दरारें साफ ‎दिखाई देने लगी है।

24 घंटे में कैसा रहा मौसम

  • ग्वालियर में लगातार पांचवें दिन पारा सबसे अधिक रहा। शनिवार को यहां तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। हालांकि, पिछले साल सितंबर में तापमान 37.6 डिग्री तक पहुंच गया था। खजुराहो में भी पारा 37.4 डिग्री रहा।
  • भोपाल में तापमान 34.4 डिग्री रहा। बैतूल, धार, गुना, नर्मदापुरम, इंदौर, खंडवा, खरगोन, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, सीधी, टीकमगढ़, उमरिया और मलाजखंड में पारा 30 डिग्री या इससे ज्यादा रिकॉर्ड हुआ।

MP में ओवरऑल 17% बारिश कम
प्रदेश में सामान्य बारिश के आंकड़े में कमी आ रही है। अब तक सामान्य से 17% कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से में 14% और पश्चिमी हिस्से में 20% कम बारिश हुई है।

  • प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश नरसिंहपुर में हुई है। यहां अब तक हुई बारिश का आंकड़ा 41 इंच से अधिक है।
  • सिवनी में 37.53 इंच, मंडला-जबलपुर में 35, डिंडोरी में 34 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है।
  • इंदौर, अनूपपुर, बालाघाट, छिंदवाड़ा, पन्ना, सागर, शहडोल, उमरिया, रायसेन और नर्मदापुरम में 28 इंच या इससे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
  • दमोह, कटनी, निवाड़ी, बैतूल, भिंड, हरदा, रतलाम, सीहोर और विदिशा में आंकड़ा 24 इंच से अधिक है।

इन जिलों में कम बारिश

  • खरगोन, मंदसौर, बड़वानी, ग्वालियर में सबसे कम कम बारिश हुई है। यहां आंकड़ा 20 इंच से कम है।

(1 जून से 2 सितंबर तक की बारिश)

1 जून से 2 सितंबर तक की बारिश

मध्यप्रदेश में कैसे रहेंगे अगले 24 घंटे
भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर समेत प्रदेश के ज्यादातर शहरों में गर्मी का असर देखने को मिला। इसके साथ उमस भी रहेगी।

MP के 5 बड़े शहरों में मौसम का हाल

  • भोपाल: तेज धूप निकलेगी। इससे गर्मी और उमस का बढ़ेगी।
  • इंदौर: गर्मी का असर रहेगा। दिन का तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है।
  • ग्वालियर: यहां भी गर्मी रहेगी। पारा 36 डिग्री से ज्यादा ही रहने का अनुमान है।
  • जबलपुर: मौसम बदला रहेगा। धूप-छांव की स्थिति बनी रहेगी।
  • उज्जैन: गर्मी का असर रहेगा। बारिश होने का अनुमान नहीं है।

[ad_2]

Source link

Leave a Comment