Many students will not be able to appear in JEE-Main in January | JEE Main 2024 : जेईई-मेन जनवरी में शामिल नहीं हो सकेंगे कई विद्यार्थी


इसके बाद कर्न्फेशन पेज भी जारी कर दिया गया। इससे विद्यार्थी को यह विश्वास हो गया कि उसकी आवेदन प्रक्रिया पूरी हो गई, लेकिन आवेदन की तिथि निकलने के बाद जब एनटीए ने करेक्शन विंडो ओपन की तो कई विद्यार्थी ऐसे सामने आ गए जिनके पास कर्न्फेमेशन पेज होने के बावजूद भी उनका आवेदन शुल्क जमा नहीं हुआ है और अब अंतिम तिथि निकलने के बाद वे पुनः आवेदन शुल्क जमा भी नहीं कर पा रहे हैं। इन विद्यार्थियों का कहना है कि एनटीए की तरफ से इस संबंध में कोई ई-मेल के माध्यम से जानकारी भी नहीं दी गई है।

साथ ही, ऐसा भी हुआ कि शुल्क जमा होने के बाद एनटीए की ओर से शुल्क लौटा दिया गया, लेकिन इसका पता विद्यार्थियों को नहीं चला। विद्यार्थियों ने ई-मित्र केन्द्र या किसी अन्य व्यक्ति के सहयोग से आवेदन का शुल्क जमा करवाया। कन्फर्मेशन पेज आने के बाद विद्यार्थी निश्चित होकर चले गए, लेकिन दो-चार दिन बाद इन विद्यार्थियों का शुल्क उसी अकाउंट में वापस कर दिया गया और विद्यार्थी के नम्बर पर कोई जानकारी नहीं दी गई। जिसने आवेदन का शुल्क जमा करवाया था उसके अकाउंट में राशि चली गई। आपस में संवाद नहीं होने की स्थिति में विद्यार्थी इससे अनभिज्ञ रहे और अपनी परीक्षा देने का अवसर गंवा दिया।अब करेक्शन के दौरान जब ये स्थितियां सामने आ रही है तो विद्यार्थी परेशान हैं। उनके पास फीस भुगतान का कोई समय नहीं है। इस संबंध में विद्यार्थी एनटीए से संपर्क भी कर रहे हैं। फोन व ई-मेल के माध्यम से प्रयास किया जा रहा है, लेकिन एनटीए की तरफ से कोई बातचीत नहीं हो पा रही है। अब ऐसे विद्यार्थी असमंजस में है कि वे परीक्षा दे सकेंगे या नहीं।

1 फरवरी तक जेईई-मेन और 2 को बिहार बोर्ड का मैथ्स पेपर

जेईई-मेन जनवरी सेशन में एक और समस्या सामने आ रही है। बिहार बोर्ड की परीक्षा 1 फरवरी से शुरू हो रही है और जेईई-मेन की परीक्षा 1 फरवरी तक चलेगी। बिहार बोर्ड में पहला पेपर बायोलॉजी का है, लेकिन दूसरा पेपर 2 फरवरी को मैथ्स का है। ऐसे में वे विद्यार्थी जिन्होंने जेईई-मेन और बोर्ड की परीक्षा के लिए अलग-अलग राज्य का चयन किया हुआ है। वे परेशान हो गए हैं।विद्यार्थियों का कहना है कि उन्होंने बिहार के बाहर के राज्य के परीक्षा शहरों का चुनाव किया है। साथ ही जेईई-मेन आवेदन में करेक्शन के दौरान परीक्षा राज्य को बदलने का अवसर नहीं दिया गया। ऐसे में ये विद्यार्थी असमंजस में हैं कि दोनों परीक्षा के मध्य कैसे सामंजस्य बिठा सकेंगे। कम समय में इतनी लम्बी यात्रा नहीं हो सकेगी।



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